GRAMIN VIKAS MANDAL

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संस्था के निर्माण कार्ताओ ने संस्था का गठन एक सोची समझी रणनीती के अ्रन्तर्गत किया निर्माण कत्र्ताओ ने संस्था गठन के पूर्व से ही सामाज कल्याण के कार्य करना प्रारंम्भ कर दिया था क्योकि जनहित में कार्य करना या सामाजिक /आर्थिक/षैक्षणिक विकास करने में संस्था के पदाधिरियो की एक रूचि थी जो रूचि रखते हुये ग्रामीण क्षेत्रो में कार्य करते थे व ग्रामीणेो के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिये चिंतन करते थे कि हमारे ही अपने लोग अनेक तरह से पीडि़त व दुखी है उनकी समस्याओ का समाधान होना चाहिये ताकि हमारे देष को विकास की एक गति मिले व प्रत्येक नागरिक सुख समृद्धषाली जीवन व्यतीत कर सके उक्त जनहितकारी कार्य में जब संस्था के निर्माण कत्र्ताओ को शासकीय सहयोग की व एक मंच की आवष्यकता महसुस हुई तो संस्था के निर्माणकत्ताओ ने सन 1997 में  एक संस्था की स्थापना करने का निर्णय लिया और इसी निर्णय का परिणाम यह हुआ कि गा्रमीण विकास मण्डल छिन्दवाड़ा नाम से एक संस्था को 1998 में पंजीबद्ध कराया गया ताकि संस्था के बैनर के माध्यम से शासकीय विभागो से सम्पर्क कर जरूरत मंदो की आवष्यकताओ को पूर्ण करने का कार्य किया जा सके । व एक वैधानिक रूप से कार्ययोेजना को बनाकर कार्य किया जा सके । इस प्रकार उक्त संस्था की स्थापना हुई ।